JET Biology Practice Questions Part-2

प्रष्न C4 चक्र का आविष्कार किसने किया था:-

उत्तर हैंच व स्लेक

प्रष्न फलों को ताजा रखने हेतु किस गैस की सान्द्रता बढ़ायी जाती है:-
उत्तर Co2

प्रष्न ग्लूकोस के 1 अणु का ग्लाइकोलाइसिस होता है, तो किनते ATP अणुओं का लाभ होता हैः-
उत्तर 2AT

प्रष्न जब हेक्सोस के 1 अणु का ग्लाइकोलाइसिस होता है, तो किनते ATP अणुअहों का निर्माण होता है:-
उत्तर 8 ATP

प्रष्न बाम्बीकाॅल नामक फीरोमोन प्राप्त होता है:-
उत्तर रेशम कीट से।



प्रष्न NPV का पूरा नाम है:-

उत्तर न्यूक्लियर पाॅलीहीड्रोसिस विषाणु

प्रष्न समाकलित नाशक कीट प्रबन्धन शब्द दिया है:-
उत्तर 1956 में वार्टलेट ने

प्रष्न नाशक कीट प्रबन्ध शब्द प्रयोग किया:-
उत्तर गीयर ने

प्रष्न प्रोटीन को बचाये रखने वलो पोषक है:-
उत्तर काबोहाइड्रेट एवं वसा।

प्रष्न वसा का बचाये रख्ने वाले पदार्थ है:-
उत्तर कार्बोहाइड्रेट

प्रष्न प्रोटीन की इकाई क्या है:-
उत्तर अमीनोअम्ल

प्रष्न 1 ग्राम वसा से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा होती है:-
उत्तर 9 किलो कैलोरी।

प्रष्न 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा होती है:-
उत्तर 4 किलो कैलोरी

प्रष्न आॅन में जीवाणुओं द्वरा संश्लेषित विटामिन्स है:-
उत्तर विटामिन K व B12

प्रष्न वह विटामिन जो धूप द्वारा त्वचा में संश्लेषित होता है:-
उत्तर विटामिन B5

प्रष्न राइबोफ्लेविन किस विटामिन का रासायनिक नाम है:-
उत्तर विटामिन B2

प्रष्न कीटों में गैसीय विनियम होता है:-
उत्तर ट्रेकिया द्वारा।

प्रष्न मनुष्य में श्वसन दर होती है:-
उत्तर 16-20 प्रति मिनट।

प्रष्न बाह्य वायुमण्डल से वायु को फेफड़ों में भरना व बाहर निकालना कहलाता है:-
उत्तर वायुसंचालन ( संवातन)

प्रष्न फेफड़ों की इकाई है:-
उत्तर वायु कोष।

प्रष्न श्वसनीय सतह के रूप में कार्य करने वलाी संरचना है:-
उत्तर कूपिकाएं।

प्रष्न श्वासनली पर उपस्थित उपस्थिल छल्लो की आकृति है:-
उत्तर C या अपूर्ण।

प्रष्न रक्त का pH होता है:-
उत्तर 7.4

प्रष्न RBC का कब्रिस्तान या शरीर का ब्लड बैंक कहते है:-
उत्तर प्लीहा को

प्रष्न RBC का जीवनकाल है:-
उत्तर 120 दिन

प्रष्न रक्त में प्लाज्मा व कणिकाओं का प्रतिशत है क्रमशः-
उत्तर 55% व 45%

प्रष्न पुरूषों में हिमोग्लोबिन की मात्रा होती है:-
उत्तर 15 ग्राम/100 उस

प्रष्न हिपेरिन का कार्य है:-
उत्तर रक्वाहिनियेां में थक्का न बनने देना।

प्रष्न ‘प्रतिरक्षा की प्रािम पंक्ति’ बनात ेहै:-
उत्तर न्यूट्रोफिलस व मानोसाइट्स।

प्रष्न एलर्जी से सुरक्षा का कार्य करने वाली WBC है:-
उत्तर इओसीनोफिल्स।

प्रष्न पाॅलीमार्फोन्यूक्लीयर ल्यूकोसाइट कहते हैः-
उत्तर कणिकामय WBC को।

प्रष्न रक्त का थक्का बनने में समय लगता है:-
उत्तर 6-10 मिनट

प्रष्न वह विटामिन जो रक्त का थक्का बनने में सहायक है:-
उत्तर विटामिन K

प्रष्न इरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस रेाग का कारण है:-
उत्तर Rh+ पुरूष का Rh- स्त्री से विवाह।

प्रष्न कितने प्रतिशत भारतीय त्ी़ व कितने प्रतिशत त्ी. है:-
उत्तर क्रमशः 93% व 7%

प्रष्न रक्त समूह की खोज किसने की:-
उत्तर लेडस्टीनर ने

प्रष्न सार्वजनिक दाता रूधिर वर्ग है:-
उत्तर रक्त समूह O



प्रष्न सार्वजनिक ग्राही रूधिर वर्ग है:-

उत्तर रक्त समूह AB

प्रष्न हार्मोन्स शब्द दिया:-
उत्तर स्टारलिंग

प्रष्न अन्तः स्त्रावी वाद्य यंत्र का लीडर है:-
उत्तर पीयुष ग्रंथि (मास्टर ग्रंथि)

प्रष्न थाइराइड की आत्महत्या कहते है:-
उत्तर हारामिटों के रोग को

प्रष्न 3F हार्मोन या संकटमोचक हामोन्स है:-
उत्तर एड्रीनेलीन तथा नाॅरएड्रीनेलीन।

प्रष्न मिटोनिन हार्मो का स्त्राव करने वाली ग्रंथि है:-
उत्तर पिनियल गं्रथि

प्रष्न मिश्रित या संयुक्त ग्रंथि का उदाहरण है:-
उत्तर अग्नाशय, वृषण, अण्डाशय।

प्रष्न ADH या वेसोप्रेसीन की कमी से होने वाली व्याधि है:-
उत्तर उदकमेह (बार-बार मूत्र आना)

प्रष्न टैस्टेस्टीराॅन का स्त्रावण होता है:-
उत्तर वृषण की लेडिंग (अन्तराली) कोशिकाओं द्वारा।

प्रष्न अण्डाशय द्वारा स्त्रावित हार्मोन्स है:-
उत्तर एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टाॅन।

प्रष्न भोजन में आयोडीन की कमी ेस होने वाला रेाग है:-
उत्तर गलगण्ड (घेंघा)

प्रष्न इन्सुलीन हार्मो स्त्रावित हाता है:-
उत्तर अग्नाशय के लैंगरहेन्स की B-कोशिकाओं द्वारा

प्रष्न इन्सुलीन का कार्य है:-
उत्तर ग्लूकोज का ग्लाइकोजन में परिवर्तन।

प्रष्न शुक्राणुओं को पोषण ्रपदान करने का कार्य करने वाली कोशिका है:-
उत्तर सर्टोली कोशिका

प्रष्न अभिषेकजनन की खेाज की:-
उत्तर चाल्र्स बोनेट ने।

प्रष्न शुक्राणुओं का योग्यतार्जन होता है:-
उत्तर एीडिडिमिस।



प्रष्न कशाभिक रहित शुक्राणु है:-

उत्तर ढसकेरिस में।

प्रष्न अण्डाणु की सतह पर पया जानो वाला रसायन है:-
उत्तर फर्टिलाइजिन।

प्रष्न सूक्ष्मपीतकी अण्डे पाये जाते है:-
उत्तर यूथिरियन स्तनधारियों में (मनुष्य में)

प्रष्न अतिपितकी व केन्द्र पीतकी अण्डे पाये जाते है:-
उत्तर पक्षी तथा रेप्टीलिया में।

प्रष्न मध्यम व गोलार्द्ध पीत की अण्डे पाये जाते है:-
उत्तर एम्फीबिया (मेण्डक) में

प्रष्न एन्टीफर्टिलाइजिन पाया जाता है:-
उत्तर शुक्राणु पर।

प्रष्न शुक्राणु नोका का उदाहरण है:-
उत्तर टिड्डा।

प्रष्न मनुष्य में दूध के दांतों की संख्या होती है:-
उत्तर 20

प्रष्न मक्का में किस अमीनों अम्ल की कमी पायी जाती है:-
उत्तर ट्रिप्टोफेन।

प्रष्न क्वाशियोरकर व मैरस्मस रोग का प्रमुख कारण है:-
उत्तर प्रोटीन की कमी से।

प्रष्न WHO की मुख्यालय है:-
उत्तर जैनेवा में।

प्रष्न शरीर का जैविक ईंधन है:-
उत्तर कार्बोहाइड्रेट एवं वा।

प्रष्न सबर्स मीठी शर्करा है:-
उत्तर फ्रक्टोज (फलों व शहद में)

प्रष्न अंगूर शर्करा है:-
उत्तर ग्लूकोस।



प्रष्न निबनकर्न पाया जाता है:-

उत्तर स्तनियों के शुक्राणु में

प्रष्न शुक्राणु के एक्रोसोम का निर्माण हेाता है:-
उत्तर गाल्जीकाय द्वारा

प्रष्न वृषण की संरचनात्मक इकाई है:-
उत्तर रेता नलिका।

प्रष्न वृषणकोष का तापमान शरीर के ताप से कितने डिग्री से. कम होता है:-
उत्तर 2-3°C

प्रष्न वीर्य बना होता है:-
उत्तर शुक्राणु + ग्रंथियों का स्त्राव

प्रष्न प्रोटोजोआ नाम दिया:-
उत्तर गोल्डफस ने 1817 में।

प्रष्न अमीबा में परासरण नियमन का कार्य करने वाली संरचना है:-
उत्तर संकुचनशील रिक्तिका।

प्रष्न दीमक की आहारनाल में पाया जााने वाला प्रोटोजोआ है:-
उत्तर ट्राइकोनिम्फा व कोलोनिम्फा।

प्रष्न मनुष्य में अमीबीय पेचिश रेाग उत्पन्न करता है:-
उत्तर एन्ट अमीबा हिस्टोलिटिका।

प्रष्न जैव संदीप्त डायनोफ्लेजिलेट है:-
उत्तर जिम्नोडियम।

प्रष्न महासागरीय पंक का निर्माण करते है:-
उत्तर प्रोटोजोआ प्राणी।

प्रष्न अमीबा में खाद्य धानी का माध्यम होता है:-
उत्तर पहले अम्लीय व बाद में क्षारीय।



प्रष्न गेहूँ की मोल्या रोग का कारक है:-

उत्तर हैटेरोडेरा एबेनी।

प्रष्न गेहूँ के तन्दू रोग का कारक है:-
उत्तर ऐम्बिना टिट्रिसाई।

प्रष्न धान का उफरा रेाग का कारक है:-
उत्तर डाईटिलेकंस अंगस्टस।

प्रष्न केंचुऐं में क्लाइटेलम पाया जाता है:-
उत्तर 14, 15 व 16 वे खण्ड में।

प्रष्न केंचुऐं मं हृदयों की संख्या है:-
उत्तर 4 जोड़ी।

प्रष्न केंचुए में गमन का अध्ययन किसने किया:-
उत्तर ग्रे तथा लिसमैन ने।

प्रष्न केंचुए में गमन की दर है:-
उत्तर 25 सेम./मिनट।

प्रष्न केंचुए की वह जाति जो पान की बेल को हानि को नुकसान पहुँचाती है:-
उत्तर मलाबरिया पेडुडीकोला।

प्रष्न यकृतकृमि (फेसिओलाद) की आहारनाल में अभाव होता है:-
उत्तर गूदा का

प्रष्न ज्वाला कोशिकाऐं पायी जाती है:-
उत्तर यकृत कृमि में।



प्रष्न यकृत कृमि के गर्भाशय में एक समय में अण्डे हो सकते है:-

उत्तर 3000 से अधिक।

प्रष्न यकृत कृमि द्वारा भेड़ में उत्पन्न रोग है:-
उत्तर यकृत विलगन रोग (लीवर रोग)

प्रष्न कुट देहगुहा पायी जाती ळै:-
उत्तर एस्क्ेरिस में।

प्रष्न एस्केरिस में श्वसन होता है:-
उत्तर अनाॅक्सी।

प्रष्न एस्केरिस का उत्सर्जन तंत्र बना होता है:-
उत्तर उत्सर्जी नलिकाओं से (H आकार का उत्सर्जन तंत्र)

प्रष्न एस्केरिस का जीवनकाल होता हे:-
उत्तर 9.12 माह

उत्तर प्रष्न एस्केरिस में कितनी बार निर्माचन होत है:-
उत्तर 3 बार (चार लार्वा अवस्थाऐं)

उत्तर प्रष्न रेडुला ;रेतनांगद्ध किन प्राणियों में पाया जाता है:-
उत्तर मोलस्का प्राणियों में।

प्रष्न रेडुला का कार्य है:-
उत्तर भोजन को काटना।



प्रष्न घूसर स्लग हे:-

उत्तर लाइमेक्स।

प्रष्न घोंघे तथा स्लग में श्वसन क्रिया होती है:-
उत्तर गिल्स तथा फुफ्फस द्वारा

प्रष्न सहस्त्रवादी है:-
उत्तर मिलीपीड (गिजाई)

प्रष्न कुचरेचा शब्द का अर्थ है:-
उत्तर तेज दौड़ने वाला

प्रष्न काॅकरोच का श्वसन अंग है:-
उत्तर ट्रेकिया।

प्रष्न काॅकरोच के मुखांग होते है:-
उत्तर काटने व चबाने वाले (चिमबुकी)

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