JET Animal Husbandry Questions Part-1

पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान

प्रष्न भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान कहा स्थित है:-

उत्तर इज्जतनगर (बरेली) (U.P.)

प्रष्न सर्दियों में दही जमने की इन्क्यूबेशन अवधि है:-
उत्तर 8-10 घंटे।

प्रष्न किस धावन पदार्थ का घोल खारे पानी को मृदु बना देता है:-
उत्तर जटिल फाॅस्फेट।

प्रष्न ऐसे रसायन जो कवकों एवं जीवाणुओं से प्राप्त होते है एवं अन्य सुक्ष्म जीवों की वृद्धि रोकते है अथवा उन्हें नष्ट कर देते है, कहलाते है:-
उत्तर एन्टीबायोटिक्स।

प्रष्न ऐसे अम्लीय धावन पदार्थ जो दूध के बर्तनों एवं संयंत्रों को धोने के काम लिये जाते है:-
उत्तर टारटरिक अम्ल।
ग्लूकोनिक अम्ल।

प्रष्न ऐसी औषधिया जो जीवाणुओं की वृद्धि तो रेाक देती है, परन्तु उन्हें नष्ट नहीं करती है, कहलाती हैः-
उत्तर एन्टिसेप्टिक/जीवाणुरोधक/जीवाणु प्रतिरोध।

प्रष्न डेयरी के बर्तनों एवं दुग्ध संयंत्रों को साफ करने के लिए अधिकतर किस प्रकार के शोधकों का प्रयोग किया जाता है:-
उत्तर क्षारीय शोधक।

प्रष्न तारपीन का तेल किस वृक्ष से प्राप्त करते है:-
उत्तर चीड़ के वृक्ष से।

प्रष्न जटिल फाॅस्फेट की कितनी मात्रा पानी की कठोरता को दूर कर देती है:-
उत्तर 10%

प्रष्न तारपीन का तेल हैः-
उत्तर जीवाणु रोधक।

प्रष्न दाहक सोड़े का कितना: घोल दूध की बोतलों एवं अन्य कंाच के बर्तनों तथा यंत्रों को धोने के काम आता है:-
उत्तर 1-2% का घोल।

प्रष्न ऐसी औषधियाँ जो रोगाणुओं को उनके बीजाणुओं सहित नष्ट कर देती है, कहलाती है:-
उत्तर रोगाणुनाशक/जीवाणुनाशक।

प्रष्न दूध के बर्तनेां को सर्वप्रथम धोना चाहिये:-
उत्तर ठण्डे पानी से/साधारण स्वच्छ पानी से

प्रष्न दूध के बर्तनों को निर्जमीकृत कर सकते है:-
उत्तर भाप में 15-20 मिनट रखकर,

प्रष्न ऐसे पदार्थ जो रक्त वाहिनियों, श्लेष्मिक झिल्ली व तन्तुओं में संकुचन पैदा करके बहने वाले रक्त या द्रव को बन्द कर देते हे, कहलाते है:-
उत्तर स्तम्भक।

प्रष्न ऐसी औषधियाँ या पदार्थ जिन्हें खिलाने पर दस्त आने लगती है, कहलाती है:-
उत्तर रेचक या विरेचक।

प्रष्न कत्थई रंग का विशेष गन्ध वाला तरल औषधियाँ पदार्थ जिसे पानी में घोलने पर सफेद रंग हो जाता है:-
उत्तर फिनाईल।

प्रष्न फिनाइल, लायसोल, चूना, कार्बोलिक एसिड़ ;फिनाॅलद्ध आदि औषधियाँ है:-
उत्तर जीवाणुनाशक/रागाणुनाशक/डिस्इन्फेक्टेट।

प्रष्न दूग्धशाला के बर्तनों की सफाई करते समय ठण्डे पानी से धोने के बाद कितने डिग्री सेन्टीग्रेड गर्म किये गये पानी में 0.25 से 0.45% धोने वाले सोड़े का घोल तैयार करके धोते है।
उत्तर 50°C

प्रष्न गाय व भैस के दूध से प्राप्त छेने में जल की मात्रा क्रमशः होती है:-
उत्तर 53.38% व 51.60%

प्रष्न ऐसी औषधियाँ या पदर्थ जो उत्तको को जलाकर नष्ट कर देती है, कहलाती है:-
उत्तर दाहक या कास्टिकस।

प्रष्न फिटकरी का कितना प्रतिशत घोल पशु की आंख व गर्भाशय धोने के काम आता है:-
उत्तर 2-5% घोल।

प्रष्न सामान्यतया गाय के दूध व भैस के दूध से क्रमशः कितना प्रतिशत छैना प्राप्त होता है:-
उत्तर 14% व 14%

प्रष्न खुरपका मुँहपका रोग में पशु के मुँह के छालों पर फिटकरी का कितना प्रतिशत घोल लगाना लाभकारी है:-
उत्तर 1-2%

प्रष्न हाथ से बर्तनों की सफाइ्र के लिये कितने प्रतिशत का सोड़ा घोल काम में लिया जाता है:-
उत्तर 0.25-0.45%

प्रष्न पशु के घावों से बहते रक्त को रोकने पर आन्तरिक रक्त प्रवाहक को रोकने के लिए खिलायी जा सकती है:-
उत्तर फिटकरी।

प्रष्न मशीन द्वारा बर्तनों की सफाई हेतु कितना प्रतिशत सोड़ा घोल काम में लाते है:-
उत्तर 0.50-1.8%

प्रष्न गाय के घी का पीला रंग किसके कारण होता है:-
उत्तर केरोटीन।

प्रष्न छैना या पनीर बनाने के लिये दूध का ैछथ् एवं वसा का अनुपात होना चाहिये:-
उत्तर 2 : 1

प्रष्न छैना या पनीर बनाने के लिए चयनित दूध से वसा की माना होनी चाहिये:-
उत्तर 4.5%

प्रष्न टिंचर आयोड़ीन का अवयव है:-
उत्तर पोटेशियम आयोडाइड व आयेाडीन (S+S)

प्रष्न ऐसी औषधियां जो ज्वर अथवा बुखार में ताप करने हेतु दी जाती है, कहलाती है:-
उत्तर एन्टिवायरेटिक्स या ज्वररोधी।

प्रष्न छैना या पनीर बनाते समय दूध के कितने ताप पर उसे फाड़ने की क्रिया की जाती है:-
उत्तर 81-82°C

प्रष्न टिंचर आयोड़ीन व फिटकरी है:-
उत्तर बाह्य स्तम्भक

प्रष्न टिंचर आयोडीन का मुख्य अवयव है:-
उत्तर आयोडीन।

प्रष्न गाय एवं भैस के दूध से प्राप्त छैने में वसा क्रमशः होता है:-
उत्तर 28.80% व 29.60%

प्रष्न गाय एवं भैस के दूध से प्राप्त छेने में प्रोटीन की मात्रा होती है:-
उत्तर 17.4% एवं 14.4%

प्रष्न घी में पानी की मात्रा कितने प्रतिशत होती है:-
उत्तर 0.5% से कम।

प्रष्न सर्वप्रथम मनुष्य द्वारा भोजन हेतु पाला गया था:-
उत्तर पशु को।

प्रष्न मनुष्य द्वारा पशुपालन इसा से कितने वर्षो से पूर्व किया जा रहा है:-
उत्तर 6000 वर्ष

प्रष्न गाय, भैस व बकरी में मदकाल के लक्षण कितने दिनों बाद पुनः प्रकट होते है:-
उत्तर 19-21 दिन।

प्रष्न भेड़ में मदकाल के लक्षण पुनः प्रकट होते है:-
उत्तर 16-17 दिन बाद।

प्रष्न मादा के गर्भित होने के कितने दिनों बाद गर्भ की पुष्टि करवा लेनी चाहिये:-
उत्तर 60 दिन/2 माह।

प्रष्न बछड़ी या पाड़ी की प्रजनन योग्य उम्र है:-
उत्तर 300 kg वजन एवं 3 वर्ष की उम्र में।

प्रष्न गर्भ की पुष्टि करने की सर्वोत्तम विधि है:-
उत्तर रेक्टल पालपेशन।

प्रष्न सबसे अच्छी ‘हे‘ बनाई जाती है:-
उत्तर बरसीम।

प्रष्न साइलेज के लिए उपयुक्त फसल है:-
उत्तर मक्का, ज्वार।

प्रष्न विश्व व भारत में क्रमशः बकरी की कितनी नस्ले पायी जाती है:-
उत्तर 60 व 20

प्रष्न मिल्क क्वीन नाम से जाने जाने वाली बकरी की नस्ल है:-
उत्तर सानेन।

प्रष्न सानेन का उत्पत्ति स्थल है:-
उत्तर स्वीटरलैण्ड।

प्रष्न बकरी की कौनसी नस्ल बकरी वंश की जरसी गाय से प्रसिद्ध है:-
उत्तर अल्पाइन।

प्रष्न बकरी की किस न्सल से ‘मोहेक’ प्राप्त होती है:-
उत्तर अंगोरा (शानदार बाल)

प्रष्न बकरी नस्ल की अंगरो की उत्पत्ति स्थल है:-
उत्तर एशिया माइनर।

प्रष्न मिल्क चैम्पियन के नाम से प्रसिद्ध बकरी की नस्ल है:-
उत्तर टोगन वर्ग।

प्रष्न पिछली टांगों के पीछे की तरफ लम्बे बालों का होना किस नस्ल की बकरी की विशेषता है:-
उत्तर जमुनापारी।

प्रष्न ‘‘सिटी गोट’’ के नाम से प्रसिद्ध बकरी की नस्ल है:-
उत्तर बारबरी।

प्रष्न किस नस्ल की बकरी के सींग नहीं होते है:-
उत्तर टोगन वर्ग।

प्रष्न बकरी की किस नस्ल के बकरो (नर) में दाढ़ी होती है:-
उत्तर बीटल।

प्रष्न जमुनापारी बकरों का उद्गम स्थल है:-
उत्तर U.P. का इटावा जिला।

प्रष्न किस नस्ल की बकरी 12 से 15 माह में दो बार ब्याती है व एक बार में दो बच्चे देती है:-
उत्तर बारबरी।

प्रष्न बकरी की किस नस्ल में रोमन नाक विशेषता है:-
उत्तर जमुनापारी।

प्रष्न बारबरी नस्ल की बकरी प्रतिदिन दुध देती है:-
उत्तर 1-1.25 kg

प्रष्न जमुनापारी बकरी के वयस्क नर, व मादा का भार क्रमशः होता है:-
उत्तर 90 kg व 60 kg.

प्रष्न टोगनबर्ग बकरी का मूल उत्पत्ति स्थल है:-
उत्तर पूर्वाेत्तर स्विटजरलैण्ड की ओगनवर्ग घाटी।

प्रष्न पंजाब का गुरूदासपुर जिला किस नस्ल का उद्ेम स्थल है:-
उत्तर बीटल।

प्रष्न विश्व में भेड़ों की कुल नस्ले पायी जाती है:-
उत्तर 200 नस्ले।

प्रष्न जमुनापारी नस्ल की बकरी 250 दिन के दुग्धकाल में कितने किग्रा. तक दूध देती है:-
उत्तर 363-544 kg

प्रष्न किस वैज्ञानिक ने 1954 में भेड़ो को वातावरण के आधार पर तीन वर्गो में बाँटा है:-
उत्तर राईट।

प्रष्न जमुनापारी नस्ल की बकरी का दुग्धोत्पादन प्रतिदिन दर्ज किया गया है:-
उत्तर 5.4 kg/day

प्रष्न मारवाड़ी नस्ल के नर व मादा का शरीर भारत कितना होता है:-
उत्तर 27-36 व 23-30 kg

प्रष्न राजस्थान की मेरीनो है:-
उत्तर चैकला

प्रष्न बकरी की किस नस्ल के पशु ऐटा व इलाहबाद के राजकीय फार्मो पर प्रजनन हेतु पाले जा रहे हैः-
उत्तर जमुनापारी।

प्रष्न निम्न में से बकरी की बारबरी नस्ल का उदगम स्थल हे:-
उत्तर पूर्वी अफ्रीका का ब्रिटिश सोमानिया क्षेत्र।

प्रष्न भेड़ की किस नस्ल की गर्दन व कन्धों की त्वचा पर झूर्रिया होती है:-
उत्तर मेरिनो।

प्रष्न विश्व में भेड़ की सबसे उपयुक्त नस्ल है:-
उत्तर मेरिनो।

प्रष्न बकरी की जमुनापारी व बारबरी के दूध में क्रमशः वसा: होती है:-
उत्तर 3.5% व 5%

प्रष्न बीटल नस्ल की बकरी के नर व मादा के भार क्रमशः होता है:-
उत्तर 75 व 50 kg

प्रष्न किस भेड़ की नस्ल को नागौर, सिरोही, पीली, जौधपुर आद जिलों में पाला जा सकता है:-
उत्तर मारवाड़ी।

प्रष्न बीटल नस्ल की बकरियां औसतन कितने किग्रा. दूध प्रतिदिन देती है:-
उत्तर 1.8 kg

प्रष्न बकरी की किस नस्ल के पशु हिसार के सरकारी पशु फार्म पर रखे जाते है:-
उत्तर बीटल।

प्रष्न अण्डे उत्पादन हेतु मुर्गी की सर्वश्रेष्ठ नस्ल है:-
उत्तर व्हाइट लैगहाॅर्न

प्रष्न भैड़ की चैकला नस्ल के नर व मादा का भार क्रमशः है:-
उत्तर 30-40 व मादा का 22-32

प्रष्न मुर्गी की सर्वोत्तम द्विप्रयोजनीय नस्ल है:-
उत्तर रोड़ आईलैण्ड रेड़

प्रष्न टोंगन वर्ग व बीटल नस्ल की बकरियों के दुा में वसा प्रतिशत होती है:-
उत्तर 3-4% व 4.5%

प्रष्न चैकला नस्ल से प्रतिवर्ष कितने kg ऊन प्राप्त होती है:-
उत्तर 1.5-2.5 kg

प्रष्न भेड़ की कौनसी नस्ल चुरू, झुंझुनु व सीकर में मुख्य रूप से पाली जाती है:-
उत्तर चैकला।

प्रष्न व्हाइट लैगहाॅर्न का मुर्गी का उत्पत्ति स्थल है:-
उत्तर इटली।

प्रष्न मुर्गी की किस नस्ल के अण्डे का रंग भूरा या गहरा भूरा होता है:-
उत्तर रेाड़ आइलैण्ड रेड़।

प्रष्न कराकुल नस्ल की भेड़ का उद्गम स्थान है:-
उत्तर मध्य एशिया।

प्रष्न भेड़ की किस नस्ल के नर में सींग व मादा में नहीं होते है:-
उत्तर कराकुल व मेरिनो।

प्रष्न विश्व की सर्वश्रेष्ठ भेड़ नस्ल ‘मेरिनो‘ का उद्गम स्थल है:-
उत्तर स्पेन।

प्रष्न मारवाड़ी नस्ल की भेड़ से प्रतिवर्ष कितने ाह तक ऊन प्राप्त होती हैः-
उत्तर 0.900 – 1.825 kg तक।

प्रष्न व्हाइट लैंगहार्न प्रतिवर्ष कितने अण्डे देती है:-
उत्तर 240 अण्डे।

प्रष्न रोड़ आईलैण्ड रेड़ मुर्गी का उद्गम स्थल है:-
उत्तर अमेरिका का रेाड़ आईलैण्ड।

प्रष्न मुर्गी की प्लाईमाऊथ रांक नस्ल का उद्गम स्थल है:-
उत्तर अमेरिका।

प्रष्न भेड़ की मालपुरा नस्ल प्रतिवर्ष ऊन प्राप्त होती ळै:-
उत्तर 0.680 – 1.360 kg.

प्रष्न रेडकार्निस मुर्गी की नस्ल को किस नस्ल के संकरण से इंग्लैण्ड में विकसित किया गया हे:-
उत्तर असील और मलाया × इंग्लिश लडानू नस्ल।

error: Content is protected !!