JET ICAR Agronomy Questions Part-6

प्रष्न कौनसी चट्टानों में जीवाश्म अधिक मिलते है:-

उत्तर अवसादी या परतदार।

प्रष्न संसार की पहली अहर की किस्म:-
उत्तर ICFH-8

प्रष्न मृदा निर्माण में निर्मित पदार्थ को कहते है:-
उत्तर सोलम।

प्रष्न वायुमण्डल में CO2 की मात्रा:-
उत्तर 0.03%

प्रष्न बालू के कणों का आकार होता है:-
उत्तर 0.02 से 2mm

प्रष्न खेती की दृष्टि से उपयुक्त मृदा है:-
उत्तर दोमट मृदा।



प्रष्न ग्वार की शुद्ध फसल हेतु बीजदर रखते है:-

उत्तर 15-20 kg

प्रष्न राजस्थान में मई-जून के महिनें में जो गर्म हवाये पश्चिमी दिशा से प्रवाहित होती है, कहलाती हैः-
उत्तर लू।

प्रष्न ग्वार की मिश्रित फसल हेतु बीजदर/hac. रखते है:-
उत्तर 8-10 kg /hac.

प्रष्न कौनसा मृदा जल पौधों को उपलब्ध हेाता है:-
उत्तर केशिका जल।

प्रष्न साधारणतयाः मृदा का स्थूल घनत्व होता है:-
उत्तर 1.4-1.8 ग्राम/शीशी।

प्रष्न ग्वार के लिये पौधों की आपसी दूरी रखते ह:-
उत्तर 30×10 cm

प्रष्न मानसून शब्द की उत्पत्ति किस भाषा के शब्द से हुई:-
उत्तर अरबी।

प्रष्न ग्वार की फसल का पकने का समय है:-
उत्तर अक्टूबर से नवम्बर प्रारम्भ तक।

प्रष्न भारत की जलवायु है:-
उत्तर मानसूनी।

प्रष्न भारत में ग्रीष्मकाली मानसून को …………..मानसून भी कहते है:-
उत्तर दक्षिणी पश्चिमी।

प्रष्न विश्व में सर्वाधिक वर्षा होती है:-
उत्तर मोसिनराम 1147 cm



प्रष्न चारे के लिये बुवाई की गई ग्वार की फसल कितने दिन बाद कटाई योग्य मानी जाती है:-

उत्तर 20-80 दिन।

प्रष्न कौनसी फसल चारे व दाने के लिये उगायी जाती है:-
उत्तर बाजरा।

प्रष्न भारत के कुल क्षेत्रफल का राजस्थान का क्षेत्रफल का हिस्सा हे:-
उत्तर 1/10वाँ।

प्रष्न सब्जी के लिये बायी गयी ग्वार की फसल में कितने दिन में फलियां आने लगती है:-
उत्तर 50-60

प्रष्न वायु का वेग मापा जाता है:-
उत्तर एनिमोमीटर।

प्रष्न उन्नत समय क्रियाओं को अपनाने से ग्वार की फसल से कितना दाना प्राप्त हो सकता है:-
उत्तर 10-15 क्वि.

प्रष्न विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है:-
उत्तर 5 जून।

प्रष्न आयरन पाइराइट का रासायनिक सूत्र है:-
उत्तर FeS2

प्रष्न शुष्क एवं उबड़-खाबड़ क्षेत्रों के लिये सिंचाई की प्रमुख विधि है:-
उत्तर फव्वारा विधि।

प्रष्न ग्वार की सब्जी के लिये बोयी गयी फसल से फलियां प्राप्त होती है:-
उत्तर 60-70 क्वि./है.

प्रष्न पृथ्वी सूर्य के प्रकाश का कितना प्रतिशत भाग ग्रहण करती है:-
उत्तर 66%

प्रष्न भारत की राष्ट्रीय आय में सर्वाधिक है:-
उत्तर कृषि।

प्रष्न मानव निर्मित धान्य फसल है:-
उत्तर टिट्रीकेल।

प्रष्न ग्वार की चारे हेतु बोयी गयी फसल से कितना हरा चारा प्राप्त हो जाता है:-
उत्तर 250-300 क्वि.

प्रष्न समुद्रतल से कितनी ऊँचाई पर तापमान 10ब् कम हो जाता है:-
उत्तर 165 मीटर।

प्रष्न ऐसी भूमि जिसमें विलेय लवण एवं विनिमयशील सोड़ियम दोनों ही अधिकतम में पाया जाता है, कहलाती है:-
उत्तर लवणीय-क्षारीय।

प्रष्न भण्डारण करते समय गेहूँ के दानों में आर्द्रता होनी चाहिये:-
उत्तर 10% से कम।



प्रष्न कपास का वा. नाम है:-

उत्तर गोसिपियम स्पीशीज

प्रष्न पश्चिमी राजस्थान की औसत वर्षा है:-
उत्तर 10-15 cm

प्रष्न कपास का कुल कौनसा है:-
उत्तर मालवेसी।

प्रष्न दिन में अधिकतम तापमान किस समय होता है:-
उत्तर दोपहर 2 बजे।

प्रष्न सफेद सोना के नाम से जानी जाती है:-
उत्तर कपास।

प्रष्न गेहूँसा का परीक्षण भार होता है:-
उत्तर 2 ग्राम।

प्रष्न क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व में सबसे अध्ािक कपास को बोने वाला देश है:-
उत्तर भारत।

प्रष्न बीजांकुरण के लिये इष्टतम तापमान होता है:-
उत्तर 30-35°C

प्रष्न वायु की दिशा ज्ञात करने वलाा यंत्र है:-
उत्तर विण्ड वेन।

प्रष्न पहाड़ी क्षेत्रों में भू-क्षरण रोकने का प्रचलित उपाय है:-
उत्तर समोच्च खेती।

प्रष्न कपास के लिये उपयुक्त जलवायु है:-
उत्तर उष्ण।

प्रष्न खड़ी फसल अथवा फसल की पकने वलाी अवस्था में बिना समयान्तराल, दुसरी फसल बो देना, कहलाता है:-
उत्तर रिले फसल।

प्रष्न किसी स्थान का न्यूनतम तापमान कब ज्ञात करते है:-
उत्तर प्रातः 4 बजे।

प्रष्न गोसिपियम हिर्सुटम व गोसिपियम बारबेडेन्स कपास है:-
उत्तर नई विश्व की पास (अमेरिकन कपास)

प्रष्न भारत के किस राज्य में सर्वाधिक लवणीय-क्षारीय भूमि है:-
उत्तर U.P.

प्रष्न कपास की फसल हेतु वानस्पितक वृद्धि के लिये तापक्रम है:-
उत्तर 15-25°C

प्रष्न जल एवं वायु क्षरण रोकने का प्रभावी उपाय है:-
उत्तर वन लगाकर।



प्रष्न प्रतिवर्ष कृषि पण्डित नामक पुरूषकार किस संस्था द्वारा दिया जाता है:-

उत्तर ICAR

प्रष्न सबसे अधिक क्षारीय उर्वरक है:-
उत्तर NaNO3

प्रष्न कपास की फसल पकते समय दिन व रात का तापमान उपयुक्त है:-
उत्तर 25-30°C व राते ठण्डी

प्रष्न समुद्रतल पर नैनोमीटर में पारे की ऊँचाई होगी।
उत्तर 76 cm

प्रष्न औसांक पर आपेक्षिक आर्द्रता होती है:-
उत्तर 100%

प्रष्न कपास के बीजो से रेशा हटाने के लिये किस रसायन का प्रयोग करते है:-
उत्तर H2SO4 (1 लीटर/10 kg बीज)

प्रष्न जल द्वारा क्षरण का विकराल रूपः-
उत्तर अवनालिका।

प्रष्न बुझे हुये चुने का सूत्रः-
उत्तर Ca(OH)2

प्रष्न नाइट्रोजन की कमी के लक्षण कौनसी पत्तियों पर दिखाई देते है:-
उत्तर पुरानी अथवा निचली पत्तियों में।

प्रष्न बारानी क्षेत्रों में जल क्षरण रोकने के लिये भूमि की जुताई करनी चाहिये।
उत्तर उथली।

प्रष्न केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान स्ािित है (CAZRI)
उत्तर जोधपुर [Central Arid Zone Research Institue-Jodhpur (Raj.)]

प्रष्न मृदा की कठोर परत तोड़ने के लिये कौनसा हल काम में लिया जाता है:-
उत्तर चिलजर।

प्रष्न सनई की उन्नत किस्मों से व देशी किस्मों से रेश की उपज क्रमशः प्राप्त होती है:-
उत्तर 10-12 क्वि. व 6-8 क्वि.है.

प्रष्न आलू की खेती के लिये उपयुक्त मृदा है:-
उत्तर बलुई दोमट।

प्रष्न पौधों में जड़ विकास हेतु आवश्यक पोषक तत्व है:-
उत्तर फाॅस्फोरस।

प्रष्न राजस्थान के किस जिले में जीरे का उत्पादन होता है:-
उत्तर जालौर।

प्रष्न जीरे की सफल खेती के लिये उपयुक्त मौसम है:-
उत्तर शुष्क एवं ठण्डा मौसम।

प्रष्न RZ-19, 209, RS-1, MC 43 G-1 इत्यादि किस्मे है:-
उत्तर जीरा।

प्रष्न जीरे की फसल हेतु बीजदर रखते हे:-
उत्तर 12-15 kg/hac.

प्रष्न सेम की समस्या से तात्पर्य है:-
उत्तर जलाधिक्यता



प्रष्न सनई की खेती से बीजों की उपज होती है:-

उत्तर 10-15 क्वि./है.

प्रष्न योजना आयोग ने भारत को कितने सस्य जलवायु खण्डों में बांटा गया है:-
उत्तर 15

प्रष्न अच्छलन करने वलो मृदा कणों का व्यास होता है।
उत्तर 0.1-0.5 mm

प्रष्न कौनसी मृदा काली परतीय मृदा है:-
उत्तर क्षारीय।

प्रष्न सनई की हरी खाद वाली फसल से मृदा केा कितना जीवांश पहले प्राप्त होताह ै:-
उत्तर 200-300 क्वि/है.

प्रष्न जीरे का B.N. है:-
उत्तर क्यूमिन साइमिनम।

प्रष्न एक ाह पादप शुष्क पदार्थ उत्पन्न करने के लिय ेकितना पानी आवश्यक है:-
उत्तर 400-500 लीटर।

प्रष्न निपिंग क्रिया करते है:-
उत्तर चना।

प्रष्न सिंचाई जल में कितने प्रतिशत सान्द्रता अधिक होन पर हानिकारक है:-
उत्तर 0.1%

प्रष्न जीरे के वाष्पशील तेल का अवयव है:-
उत्तर क्युमिनोल अथवा क्यूमिन एल्डीठाइड़।

प्रष्न धनिया का B.N. है:-
उत्तर कोरिण्ड्रम सेटाइवम।

प्रष्न पौधों की वानस्पतिक वृद्धि के लिये प्रमुख रूप से जिम्मेदार हे:-
उत्तर N

प्रष्न किस खली में सर्वाधिक N होती है:-
उत्तर मूंगफली में।

प्रष्न भारत के किस राज्य में दलहनी फसलों का उत्पादन सर्वाधिक होता है:-
उत्तर M.P.

प्रष्न धनियां का उत्पत्ति स्थल सम्भवतः माना जाता है:-
उत्तर भूमध्यसागरीय क्षेत्र।

प्रष्न किन पोषक तत्वों का छिड़काव पत्तियों पर करते है:-
उत्तर N व सूक्ष्म पोषक तत्वों का।

प्रष्न धनिया के दानों में कौनसा वाष्पशील तेल पाया जाता है:-
उत्तर लिमोलिन व फोन्ड्रियाॅल।

प्रष्न उच्च विश्लेषक उर्वरक वे होते हे, जिनमें छच्ज्ञ की मात्रा होती हैः-
उत्तर 25% से अधिक।

प्रष्न धनियें के लिये उपयुक्त जलवायु:-
उत्तर उष्ण व मध्यम जलवायु।

प्रष्न ऐसे उर्वरक जिनमें एक ही प्राथमिक पोषक तत्व विद्यमान हो, कहलाते है:-
उत्तर एकल उर्वरक।

प्रष्न उर्वरक में उपस्थित NPK की प्रतिशत मात्रा कहलाती है:- उर्वरक ग्रेड़ MOP में पोटाश की मात्रा होती है:-
उत्तर 60%

प्रष्न कीटनाशी व खरपतवारनाशी छिड़कने के यिले कौनसा यंत्र काम में लाते है:-
उत्तर स्प्रेभर।

प्रष्न राजस्थान व गुजरात में जीरे की फसल का बुवाई का समय:-
उत्तर नवम्बर का प्रथम सप्ताह से -दिसम्बर का प्रथम सप्ताह (15 नवम्बर उपयुक्त)

प्रष्न धान्य फसलों में सुधार रोग किस पोषक तत्व की कमी से है:-
उत्तर ताम्बा।

प्रष्न जैविक खादों में कौनसा पोषक तत्व अधिक पाया जाता है:-
उत्तर N2



प्रष्न जीरे की फसल की बुवाई करते समय त्×त् दूरी रख्तो है:-

उत्तर 22.5-25 cm.

प्रष्न फूलगोभी में हिपटेल रेाग किस पोषक तत्व की कमी से होता है:-
उत्तर MO

प्रष्न जीरे का प्रमख खरपतवार है:-
उत्तर जीरी (प्लान्टेनो प्यूमिनल्ग)

प्रष्न बण्ड़ फार्मर किस काम आता है:-
उत्तर मेड़ बनाने में।

प्रष्न जीरे से उन्नत कृषि विधियां अपनाने से उपज प्राप्त करते है:-
उत्तर 8-10 क्वि/है.

प्रष्न चुकन्दर के लिये लाभदायक पोषक तत्व है:-
उत्तर सोड़ियम।

प्रष्न जीरे की फसल कितने दिनोंमें पककर तैयार हो जाती है:-
उत्तर 90-125 दिन में।

प्रष्न जीरे में जीरी खपतवार नियंत्रण हेतु काम में लाते है:-
उत्तर फ्लूक्लोरेलिन।

प्रष्न खड़ी फसल में उर्वरक देना कहलाता है:-
उत्तर टाॅप डेसिंग।

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