प्रष्न मेथी के दानों का कड़वापन होता है:-
प्रष्न राजस्थान के किस जिले में मैथी का सर्वाधिक उत्पादन होता है:-
प्रष्न अमरबेल किस फसल का पपरजीवी पौधा है:-
प्रष्न मैथी की खेती हेतु उपयुक्त जलवायु:-
प्रष्न RMT-1, 143, राजेन्द्र क्रांति, लाभ सलेक्शन-1 इत्यादि किस्मे है:-
प्रष्न हल का कौनसा भाग मिट्टी चिरने के काम आता है:-
प्रष्न भारत में प्रयोग की जाने वाली खाद है:-
प्रष्न गोबर की खाद में अमोनिया के हृास को रोकने के काम में आते है:-
प्रष्न धान में धावल तथा छिलके का अनुपात होता है:-
प्रष्न सौंफ का उत्पत्ति स्थल है:-
प्रष्न पौधों को गुणवत्ता और ओज प्रधान करता है:-
प्रष्न सौंफ की खेती के लिये उपयुक्त जलवायु:-
प्रष्न पौधेां में स्टार्च निर्माण के लिये आवश्यक पोषक तत्व है:-
प्रष्न राजस्थान में भारत के कुल सतही जल स्त्रोतों का कितना प्रतिश हे:-
प्रष्न मैथीं की बीजदर है:-
प्रष्न चारें की फसल हेतु बाजरे की बीजदर है:-
प्रष्न उत्तरी भारत में मैथी की बुवाई का उपयुक्त समय:-
प्रष्न कौनसा पोषक तत्व फसल पकने में देरी करता है:-
प्रष्न सीमिट (CIMMYT) कहाँ स्थित है:-
प्रष्न DAP है:-
प्रष्न डिबलर का प्रयोग किया जाता है:-
प्रष्न समय, देरी से बवुाई व लवणीय-क्षारीय मृदा में तीनों परिस्थितियों के लिए गेहूँ की प्रमुख किस्म।
प्रष्न मैंथी की उपज।
प्रष्न सौंफ का B.N. है:-
प्रष्न अमरबेल का B.N. है:-
प्रष्न समुचित प्रबन्ध तथा अनुकूल मौसम में मैथी से कितनी पैदा की जा सकती है:-
प्रष्न उर्वरकों को मृदा सतह पर छिड़कने को कहते है:-
प्रष्न सौंफ की कतारेां में बुवाई करते समय R×R रखते है:-
प्रष्न सौंफ की 1 हैक्टर फसल की बुवाई हेतु नर्सरी तैयार करने हेतु कितना क्षेत्रफल चाहिये:-
प्रष्न विश्व में कपास की प्रथम संकर किस्म भ्.4 को विकसित करने वाला देश है:-
प्रष्न सौंफ की उपज:-
प्रष्न जूट में पौधेां से रेशे अलग करने को कहते है:-
प्रष्न उत्तम गुणवत्ता वाली हरे दाने की सौंफ का उत्पादन/हैक्टर प्राप्त होता है:-
प्रष्न सफेद रोली रोग लगता है:-
प्रष्न रिजके का उत्पत्ति स्थलः-
प्रष्न भारत में सिंचाई की सबसे प्रचलित विधिः-
प्रष्न पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई का स्त्रोत:-
प्रष्न सौंफ की सीध बुवाई व रोपण विधि से रोपाई करने पर रखते है:-
प्रष्न राजस्थान की ममरू गंगा है:-
प्रष्न रिजके के बीज में अमरबेल के बीजों को अलग करते है:-
प्रष्न जलमग्न मृदा में O2 की अनुपस्थिति में क्रिया होती है:-
प्रष्न रिजके की बुवाई का उपयुक्त समय है:-
प्रष्न जंगली गाजर खरपतवार है:-
प्रष्न निम्न में से प्रमुख रेगिस्तानी खरपतवार है:-
प्रष्न पानी में सबसे अधिक फैलने वला खरपतवार है:-
प्रष्न रबी की किस फसल में कम पानी की आवश्यकता होती है:-
प्रष्न रिजके का प्रमुख खरपतवार है:-
प्रष्न ड्रिफ विधि में क्यारी विधि की अपेक्षा कितने प्रतिशत जल की बचत होता है:-
प्रष्न रिजके की पहली कटाई बुवाई के कितने दिन बाद करनी चाहिये:-
प्रष्न कुड़ विधि में जल की कितनी मात्रा की बचत हो जाती है:-
प्रष्न खरपतवारनाशी का पौधे के विशेष भाग पर छिड़काव करना कहलाता है:-
प्रष्न रिजके की खेती हेतु उपयुक्त जलवायु है:-
प्रष्न भारत में सबसे ज्यादा सिचित प्रदेश है:-
प्रष्न खरपतवार नियंत्रण की सबसे पुरानी व प्रचलित विधि है:-
प्रष्न सबसे पुराना सिंचाई का साधन है:-
प्रष्न भारत में सबसे ज्यादा सिंचाई की जाती है:-
प्रष्न राजस्थान का सर्वाधिक सिंचित जिला है:-
प्रष्न धान की फसल औसत वर्षा वाले क्षेत्रों में ली जाये, तो कितनी सिंचाईयां देनी चाहिये।
प्रष्न रिजके के छिटकवा विधि से बुवाई करने पर बीजदर होती है:-
प्रष्न नहरी क्षत्रों में जल निकास की सर्वोत्तम नीतियाँ है:-
प्रष्न सामान्य सिंचित क्षेत्र में मक्का को कितनी सिंचाई की आवश्यकता होती है:-
प्रष्न बीजोपचार के लिये सामान्यतयाः रसायन की मात्रा लेते है:-
प्रष्न बीजांकुरण के लिये नमी की उचित अवस्था है:-
प्रष्न भारतीय हरित क्रांति के जनक:-
प्रष्न हरित क्रान्ति की शुरूआत किस फसल से हुई:-
प्रष्न अधिकांश बीज जनित रोग फैलते है:-
प्रष्न राज्य की प्रमुख नकदी फसल है:-
प्रष्न दलहनी फसले नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसकी मदद से करती है:-
प्रष्न जो बीजों में फफूंदजनित व कवकजनित बीमारियेां के प्रति प्रतिरोधकता पैदा करने वलाा तत्व है –
प्रष्न भारत में कुल दलहन तथा तिलहन उत्पादन का कितने प्रतिश शुष्क खेती की अन्तर्गत होता है:-
प्रष्न ब्लैक ग्राम के नाम से जानी जाती है:-
प्रष्न चिंक पी के नाम से जानी जाती है:-
प्रष्न पीजन-पी या रेड़ ग्राम के नाम से जानी जाती है:-
प्रष्न तिरपाल व रस्सियाँ बनाने के काम आता है:-
प्रष्न रिजके की 7.9 कटाइयों से कितना चारा प्राप्त होता है:-
प्रष्न किस जिले में सर्वाधिक मक्का का उत्पादन होता है:-
प्रष्न गेहूँ की कटाई कितने दिन बाद करते है:-
प्रष्न प्रतिकिलो मूंगफली से गिरी प्राप्त होती है:-
प्रष्न वह क्षेत्र जहाँ औसत वर्षा 45-65 cm हो, कहलाता हैः-
प्रष्न उत्तम बीज उत्पादन के लिये आवश्यक क्रिया है:-
प्रष्न बजारे की फसल में उचित निराई-गुड़ाई का समय है:-
प्रष्न हरित क्रान्ति को बढ़ावा किसके द्वारा मिला:-
प्रष्न खेत में बुवाई से पूर्व की गई क्रिया:-
प्रष्न राजस्थान में प्रमुख रेशे वाली फसल:-
प्रष्न सिंचाई, निराई-गुड़ाई आदि कृषि क्रियाये है:-
प्रष्न राजस्थान में मोठ उत्पादन करने वाला जिला है:-
प्रष्न राजस्थान के किस जिलें में जौ का उत्पादन सर्वाधिक होता है:-
प्रष्न जौ के लिये उपयुक्त जलवायु है:-
प्रष्न चावल में कार्बोहाइड्रेट की प्रतिशत मात्रा होती है:-
प्रष्न नेड़ेप कम्पोस्ट की पहली परत 6 इंचकी, दूसरी परत व तीसरी परत क्रमशः भरी जाती है:-
प्रष्न जौ की बुवाई हेतु उपयुक्त तापक्रम है:-
प्रष्न जूट का कुल:-
प्रष्न स्पिंकलर विधि में पानी का दबाव कितना होता है:-
प्रष्न भारत में जल निकास की कौनसी विधि सर्वाधिक प्रचलित है:-
प्रष्न किस विधि में कम्पोस्ट बनाने हेतु वायुविय प्रक्रिया द्वज्ञरा कार्बनिक पदार्थो का विघटन होता है:-
प्रष्न नेड़ेप कम्पोस्ट तैयार होने में कितना समय लगता है:-
प्रष्न जौ के आटे में कौनसी प्रोटीन का अभाव होने के कारण इसकी रोटी सरलता से पक जाती है:-
प्रष्न पौधों की वृद्धि हेतु मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक शक्ति के याग को कहते है:-
प्रष्न मूंग का उत्पत्ति स्थल:-
प्रष्न सबसे गहरी सुरंग बनाने वलो केंचुएँ।
प्रष्न मूंग की फसल हेतु उपयुक्त जलवायु।
प्रष्न हरी खदा वाली फसल की पलटाई किस समय करनी चाहिये:-
प्रष्न एपिजिक एवं इंडोजिक के बीच की श्रेणी है:-
प्रष्न वर्मी कम्पोस्ट में NPK होता है:-
प्रष्न जौ की फसल में दाना व भूसा का अनुपात होता है:-
प्रष्न वर्मी कम्पोस्ट में एक्टिनोमाइसिटिज की मात्रा गोबर की खाद की तुलना में कितने गूना अधिक होती हैः-
प्रष्न प्रकृति में पाये जाने वलो 700 किस्मों के केंचुओं में से कृषि में कितनी लाभकारी प्रजातियां है:-
प्रष्न मूंग का B.N. है:-
प्रष्न मूंग में कितने प्रतिशत प्रोटीन की मात्रा होती है:-
प्रष्न हरी खाद हेतु उपयुक्त अदलठनी फसल है:-
प्रष्न दलहनी, फसलां में रासायनिक खरपतवार नियंत्रण हेतु काम में लेते है:-
प्रष्न आइसीनिया फोईटिण्डा प्रजाति के केंचुए का रंग।
प्रष्न एक प्रजनक केंचुआ 6 माह में कितने केंचुए उत्पन्न कर सकता है:-
प्रष्न केंचुएँ के एक कोकून में कितने अण्डे होते हे:-
प्रष्न हरी खाद हेतु सर्वोत्तम फसले:-
प्रष्न अधिक अम्लीय मृदा में कौनसे तत्वों की मात्रा कम होती है:-
प्रष्न अधिक अम्लीय मृदा में कोनसे तत्वेां की मात्रा अधिक होती है:-
प्रष्न भारत में कितने हैक्टर क्षेत्रफल में लवणीय-क्षारीय मृदाये पायी जाती है:-
प्रष्न राजस्थन में कितने क्षेत्रफल में लवणीय-क्षारीय मृदाये पायी जाती है:-
प्रष्न भूमि सुधारक के रूप में जिप्सम का प्रयोग कब करते है:-
प्रष्न लवणीय-क्षारीय मृदा में बीज की मात्रा कितनी रखते है:-
प्रष्न लवणीय-क्षारीय मृदा में कितना प्रतिशत अधिक उर्वरक काम में लेते है:-
प्रष्न वर्मी कम्पोस्ट में NPK क्रमशः है:-
प्रष्न जौ की फसल में दाना व भूसा का अनुपात होता है:-
प्रष्न वर्मी कम्पोस्ट में एक्टिनोमाइसिटिज की मात्रा गोबर की खाद की तुलना में कितने गुना अधिक होती है:-
प्रष्न प्रकृति में पाये जाने वाले 700 किस्मों के केंचुओं में से कृषि में कितनी लाभकारी प्रजातियाँ है:-
प्रष्न मूंग का B.N. है:-
प्रष्न राजस्थान की परिस्थितियों में किस प्रजाति के केंुचएँ प्रयुक्त है:-
प्रष्न आइसीनिया फाइटिण्डा किस प्रकार का केंचुआ है:-
प्रष्न मूंग की फसल हेतु उपयुक्त जलवायु।
प्रष्न एपिजिक एवं इडोजिक की बीज की श्रेणी है:-
प्रष्न वर्मी कम्पोस्ट बनाने हेतु केंचुए में प्रजनन एवं खाद हेतु नमी व तापक्रम क्रमशः चाहिये।
प्रष्न हरी खाद हेतु बोयी गयी सनई की फसल का बुवई के कितने दिनों बाद पलट दना चाहिये:-
प्रष्न निम्न में से हरी खाद हेतु उपयुक्त अदलहनी फसल है:-
प्रष्न निम्न में से दलहनी, फसलों में रासायनिक खरपतवार नियंत्रण हेतु काम में लेते है:-
प्रष्न मूंग की फसल में पीलिया रोग होने पर छिड़काव करते हैः-
प्रष्न आलू की जलमांग है:-
प्रष्न धान की जलमांग है:-
प्रष्न राजस्थान में कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए किस कारक को सर्वोच्य प्राथमिकता दी गयी हैः-
प्रष्न असमतल क्षेत्रों में सिंचाई की सर्वोत्तम विधि है:-
प्रष्न किस देश में बन्द सिंचाई का आविष्कार हुआः-
प्रष्न यदि खेत का जल निकास दोषपूर्ण है, तो फसल जलमांग होगी:-
प्रष्न घोड़ा दाल के नाम से जाने जानी वाली फसल है:-
प्रष्न चने में प्रोटीन की मात्रा होती है:-
प्रष्न मेलिक तथा आॅक्जेलिक अम्ल होता है:-
प्रष्न MOP में पोटाश की मात्रा होती है:-
प्रष्न क्षेत्र क्षमता व स्थायी क्लानि बिन्दू के महत्व स्थित मृदा जल को क्या कहते है ?
प्रष्न सदैव हानि पहुँचाने वाले खरपतवारों को क्या कहते है?
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प्रष्न किस खरपतवार के बीज फसल के बीजों के समान होते है:-
प्रष्न जलमग्न मृदाओं के खरपतवार है:-
प्रष्न गेहूँसा का ठण्छण् है:-
प्रष्न किस फसल में स्ट्राइगा खरपतवार परजीवी है:-
प्रष्न तारामीरा का वानस्पतिक नाम है:-
प्रष्न सुरजमुखी किस कुल का पौध है:-’
प्रष्न रिजका का वानस्पतिक नाम है:-
प्रष्न K 851, पूसा वैशाखी किस फसल की किस्म है:-
प्रष्न खरीफ दालों में सबसे ज्यादा सुखा सहन करन वाली हल फसल है:-
प्रष्न राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (RAU) बीकानेर द्वारा विकसित मोठ की किस्म:-
प्रष्न दलहनी फसलों में खरपतवारों को नष्ट करने के लिए काम में लेते है:-
प्रष्न गुलीडण्डा किस कुल के अन्तर्गत आता है:-
प्रष्न गेहूँ की किस किस्म के पौधे पर 2.4P का प्रयोग नहीं करते है:-
प्रष्न गेहूँ में गुलीडण्ड व जंगली राई को नष्ट करने के लिये कौनसा शाकनाशी काम में लेते है:-
प्रष्न जौ की कौनसी किस्म सूत्रकृमि रोधी हे:-
प्रष्न गुलीडण्डा का प्रेक्षण भार होता है:-
प्रष्न मक्का का उत्पत्ति स्थान है:-
प्रष्न बाजरे का उत्पत्ति स्थान है:-
प्रष्न सफेद लट किस फसल के लिये उदाहरण है:-
प्रष्न मूंगफली की गुच्छेदार किस्मों के लिये बीजदर लेते है:-
प्रष्न मूंगफली में तेल की मात्रा होती है:-